चालान कही अभिशाप तो नही बनता जा रहा आम नागरिकों के लिए ??? जाने इसे


चालान:एक ऐसा शब्द जिसे सुनके बस हमे एक ही ख्याल आता है ,जुर्माने का या पुलिस के हत्थे चढ़ने का।


1 सितंबर से गाड़ी 🏍️ नियमो मे संसोधन के बाद तो आम नागरिक की कमर ही टूट गयी। पहले तो आदमी कुछ रुपया जुर्माना देकर छूट जाता था।या कुछ रिश्वतखोरों को चंद रुपये देकर बच जाता था पर अब ऐसा नही है। जुर्माने के दामो मे इतनी ज्यादा वृद्धि कर दी है सरकार ने के आम आदमी घर चलाये या जुर्माना भरे।


दिल्ली,का किस्सा ले लिजिये कल स्कूटी सवार आदमी पर जुर्माना लगाकर उसकी कमर ही तोड़ दी जुर्माना कोई 1000-5000 💵 का नही सीधा 23000💵 का।



ऐसे कई उदाहरण है जैसे दिल्ली मे ट्रेक्टर वाले पर 59000 💵 का ,ऑटो वाले पर 36000 💵 का दंड लगाया गया ।


ये सरकार की अच्छी पहल है कि सभी नियमो का पालन करे हेलमेट पहने और गाड़ी के सभी कागजाद साथ लेकर चले चालान से बचने के लिए । पर उनका क्या जो बड़ी- बड़ी गाड़ियों मे घूमते है क्या पुलिस उन्हें रोक पाएगी ?


एक आम आदमी 🧔 जो मासिक वेतन 20000-25000 तक कमाता है वो कहा से चालान भरेगा, क्या वो आम आदमी है इसलिए उसके साथ ऐसा हो रहा, या वो ये सब से के चुप है इसलिए। आम आदमी चालान न भरे तो जेल मे जाए ।


चालान भरने के लिए लेना पड़ेगा लोन 🚘 ऑटो चालक द्वारा सभी काग़ज़द दिखाने के बावजूद पुलिस👮 ने उसका ज़बरन 33000💵 का चालान काट दिया।



सरकार ने तो नियम बना दिये और ये पुलिस वाले जब मन आये किसी का भी चालान काट रहे है ,वो आम नागरिक कैसे सुरक्षित रहेंगे।


सरकार द्वारा स्वचलित एप्प M-PARIVAHAN जिसका लोग गलत फायदा उठाकर अन्य लोगो को फ़साने का काम भी करते है। इस एप्प से आपको ये तो पता चल जाएगा कि कहा पे आप का फर्जी चालान हुआ है।


चलिए ये सब तो ठीक है , पर उनका क्या जो सिर्फ घर चलाने भर कमाते है , जो आम नागरिक है कहा से भरेंगे ये दंडकर ?  इसका जवाब सरकार के पास है ही नही। 🤔


घूम फिरकर पिस्ता आम आदमी ही है ?



50 ई चालान तो पुलिस के ही हुुुए है । 😂😂😂


 


धोखे पे धोखे दिए जा रही है 


ये जिंदगी है या "सरकार" होती जा रही है।🤔🤔🤔