लखनऊ: पुलिस ने वरिष्ठ डॉक्टर को पीटा❓क्या ये रवैया सही।


पूरे शहर में लॉक डाउन लागू है। ऐसे मे देश मे डॉक्टरों की भी कमी है। लखनऊ में ट्रैनिंग के लिए आ रहे वरिष्ठ फिजिशियन को चेकिंग के दौरान पीट दिया गया। क्या डॉक्टरों के प्रति ऐसा रवैया पुलिस का रवैया सही है। अगर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए , तो जनता का क्या होगा❓


नाराज़ डॉक्टरों ने अपने साथियों समेत दोपहर में धरना【हड़ताल】देना शुरु कर दिया।इससे जिले भर की सभी सीएचसी व पीएचसी में इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दी गयी।


लखनऊ प्रशासन ने कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए डॉक्टरों की ट्रेनिंग लागई है।इसके लिए प्रांतरय चिकित्सा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष व जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आरएस मधौरिया लखनऊ जा रहे थे। बताया जाता है कि जैसे ही वह शहर की बाहरी एलआरपी चौकी पर पहुंचे। पुलिस द्वारा उन्हें रोक कर सवाल जवाब किये गए, डॉक्टर ने पुलिस से बातचीत की और कारण बताया। डॉक्टर ने आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस ने उन्हें मारा पीटा,नाराज डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ ने हड़ताल कर दी। इसके बाद जिले की सभी सेवाएं ठप हो गई हैं।


 


क्या पुलिस प्रशासन का यह रवैया सही है, जनता के प्रति ऐसे हालातो मे। अगर जनता को ऐसे हालातो मे प्रताड़ित किया जाएगा तो क्या जनता चुप बैठेगी❓विचार और विमर्श करिये।।